
हल्द्वानी/नैनीताल।
कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ बिमल रावत के खिलाफ धोखाधड़ी एवं निवेशकों से धन हड़पने के आरोपों में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता का एक-एक पैसा वापस कराया जाएगा।
कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी निवासी एक व्यक्ति द्वारा मंडलायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि कंपनी ने 25 माह में धन दोगुना करने का झांसा देकर निवेश कराया, लेकिन समय पूरा होने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई। शिकायत के आधार पर मंडलायुक्त ने कंपनी के सीईओ को कार्यालय में तलब किया, किंतु संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासनिक टीम के साथ सतलोक कॉलोनी, फेज-6 (रणवीर गार्डन के समीप) स्थित कंपनी कार्यालय पर छापा मारा गया।
छापेमारी के दौरान मंडलायुक्त ने कंपनी के दस्तावेज, बैंक लेन-देन, बैलेंस शीट और ऑनलाइन पोर्टल डेटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, लेकिन सीईओ द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज या ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसी दौरान 10-11 अन्य निवेशक भी मौके पर पहुंचे और अपनी जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग की।
जांच में सामने आया कि कंपनी के नाम पर निवेश करने के बजाय सीईओ द्वारा व्यक्तिगत रूप से दो स्थानों पर भूमि क्रय किया गया है। सीईओ ने कंपनी पर लगभग 3900 निवेशकों की देनदारी होना स्वीकार किया।
बैंक खातों की जांच में कंपनी के आईडीएफसी बैंक खाते में मात्र 42,455 रुपये तथा एचडीएफसी बैंक खाते में लगभग 50 हजार रुपये शेष पाए गए, जबकि कंपनी ने 25 माह में पैसा दोगुना करने के नाम पर लगभग 8 हजार लोगों से करीब 39 करोड़ रुपये जमा किए थे। इसके साथ ही कंपनी द्वारा मल्टी-लेवल मार्केटिंग के तहत मीडिएटर्स को इंसेंटिव देने की बात भी सामने आई है।
इन तथ्यों के आधार पर मंडलायुक्त दीपक रावत ने पिरामिड/मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम, कंपनी अधिनियम के उल्लंघन, निवेशकों से धोखाधड़ी और कंपनी फंड का निजी संपत्ति निर्माण में उपयोग जैसे गंभीर आरोपों में तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
इस कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, वित्त नियंत्रक सूर्य प्रताप सिंह, प्रशासनिक अधिकारी तथा पीड़ित निवेशक उपस्थित रहे।