नैनीताल।
माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल / जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में सिविल जज (सीडि) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल पारुल थपलियाल द्वारा महिला जननांग विकृति के प्रति शून्य सहिष्णुता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस एवं पॉक्सो अधिनियम के उपलक्ष्य में आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में सचिव द्वारा बताया गया कि महिला जननांग विकृति के विरुद्ध इस दिवस का उद्देश्य इस हानिकारक प्रथा को समाप्त करने हेतु वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने इसे महिलाओं व बालिकाओं के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए इसके शारीरिक व मानसिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला।
साथ ही यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीड़न, शोषण एवं पोर्नोग्राफी से बचाने के लिए बनाया गया है, जिसमें कठोर दंड तथा विशेष अदालतों में त्वरित सुनवाई का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विभिन्न क्रियाकलापों की जानकारी भी दी गई।