हिंदू नव वर्ष 2083 की शुरुआत, जाने कैसा रहेगा यह वर्ष।

नैनीताल। इस वर्ष हिंदू नव वर्ष का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी प्रारंभ होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष मां दुर्गा पालकी में सवार होकर पृथ्वी पर आगमन करेंगी, जिसे मिश्रित फलदायी माना जाता है।

आचार्य पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि इस दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 6:54 बजे से 10:20 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु इस अवधि में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना कर नवरात्र की पूजा आरंभ करेंगे।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष के राजा देव गुरु बृहस्पति और मंत्री मंगल देव होंगे। संवत्सर का नाम “रौद्र” रहेगा। इसके प्रभाव से वर्ष भर राजनीतिक अस्थिरता और शासकों के बीच मतभेद की स्थिति बन सकती है। बताया कि रौद्र संवत्सर में वर्षा में कमी, अन्न और जल की कमी तथा रोगों के बढ़ने की आशंका जताई गई है। पशुओं, विशेषकर चौपायों में कष्ट के संकेत हैं। राजनीतिक क्षेत्र में उथल-पुथल और मतभेद देखने को मिल सकते हैं।

ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव:
इस वर्ष मेष, सिंह और धनु राशि के लिए समय अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है। वहीं कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव बना रहेगा। वर्ष में दो सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण होंगे, हालांकि भारत में ये दिखाई नहीं देंगे, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
इस वर्ष 17 मई से 15 जून तक अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) रहेगा, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
हालांकि ज्योतिषीय मत के अनुसार 10 में से 8 विभाग शुभ ग्रहों के अधीन होने से नकारात्मक प्रभाव कम होंगे। गोरस (दूध) की उपलब्धता अच्छी रहेगी और धार्मिक कार्यों में लोगों की रुचि बढ़ेगी। व्यापार और नए व्यवसायों में वृद्धि के संकेत हैं।

देश-दुनिया पर प्रभाव:
देश में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन जारी रहेगा और उद्योगों में वृद्धि होगी। सीमाओं पर तनाव की स्थिति बन सकती है, लेकिन इसके बावजूद भारत आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में प्रगति करता रहेगा। वर्ष के प्रथम, छठे और बारहवें माह चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं, जबकि शेष समय अपेक्षाकृत शुभ रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *