सुयालबाड़ी/ नैनीताल।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल/जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में सिविल जज /सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल पारुल थपलियाल ने ग्राम पंचायत भवन, सुयालबाड़ी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता तथा चिकित्सा शिविर का आयोजन किया।
शिविर के दौरान सचिव द्वारा बाल अधिकार संरक्षण के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि बच्चों को दुर्व्यवहार, शोषण, हिंसा, उपेक्षा एवं भेदभाव से बचाना आवश्यक है, जिससे उन्हें सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो सके और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं सहभागिता जैसे अधिकार शामिल हैं। इसके संरक्षण हेतु भारत में बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 सहित राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय आयोग कार्यरत हैं, जो बच्चों के कल्याण एवं अधिकारों की रक्षा करते हैं।
इसके अतिरिक्त ग्रामवासियों को बढ़ते साइबर अपराधों से सावधान रहने तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं एवं क्रियाकलापों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें बीपी, शुगर आदि की जांच की गई तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, पीएलवी सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे।