नैनीताल। कुमाऊ विश्वविद्यालय के नवाचार एवं इनक्यूबेशन केन्द्र की ओर से गुरुवार को चेली आर्ट्स, मल्लीताल स्थित प्री-इन्क्यूबेशन यूनिट में फील्ड एक्सपोज़र विजिट का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने सतत उद्यमिता, प्राकृतिक उत्पाद निर्माण तथा पारंपरिक वस्त्र तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने पिछौड़ा निर्माण, कपड़ों पर ईको-प्रिंटिंग, प्राकृतिक होली रंग तैयार करना तथा धूप (इंसेंस) बनाना जैसी प्रक्रियाओं को करीब से देखा और समझा। उन्हें बताया गया कि पौधों और प्राकृतिक रंगों की सहायता से पारंपरिक डिज़ाइन तैयार कर पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उद्यमिता से जोड़ा जा सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार, कौशल विकास और स्वरोज़गार के प्रति प्रेरित करना था।
चेली आर्ट्स की संस्थापक डॉ. किरण तिवारी ने अपने उद्यम की यात्रा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इसकी शुरुआत घर के एक छोटे कमरे से शौक के रूप में की थी, जो आज सफल उद्यम बन चुका है। उन्होंने बताया कि ईको-प्रिंटिंग और प्राकृतिक रंगाई में यूकेलिप्टस, सागौन, मेपल, चेस्टनट और सिल्वर ओक जैसी पत्तियों का उपयोग किया जाता है तथा रंगों को स्थायी बनाने के लिए लेड एसीटेट और एल्युमिनियम एसीटेट जैसे मॉर्डेंट्स का प्रयोग किया जाता है।
उन्होंने बताया कि उनके उद्यम में प्राकृतिक लिप बाम, रोज़मेरी ऑयल, प्राकृतिक होली रंग, धूप, ईको-प्रिंटेड साड़िया व स्टोल, पिछौड़ा, ऐपन उत्पाद तथा स्थानीय महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले फ्लेवर्ड साल्ट और नमकीन तैयार किए जाते हैं। इस कार्य से क्षेत्र की कई महिलाए भी आत्मनिर्भर बन रही हैं।
इस दौरान प्रोफेसर गीता तिवारी, डॉ. पैनी जोशी उपाध्याय, डॉ. हरदेश कुमार तथा डॉ. हर्ष चौहान सहित एमएससी केमिस्ट्री और आईटीईपी के छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।