आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारी को लेकर अपर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक।

हल्द्वानी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारी को लेकर अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नैनीताल विवेक राय की अध्यक्षता में शुक्रवार को नगर निगम सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2003 एवं 2025 की मतदाता सूचियों के मिलान (मैपिंग) कार्य में 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले मतदान स्थलों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें संबंधित सुपरवाइजर एवं बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने प्रतिभाग किया।

अपर जिलाधिकारी ने 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले मतदान स्थलों के बीएलओ को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक मतदाता से समन्वय, संवाद एवं पहुंच सुनिश्चित करते हुए विशेष अभियान चलाएं और कम से कम 75 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को सुगमता, कर्तव्यनिष्ठा एवं समयबद्धता के साथ तनावमुक्त वातावरण में शत-प्रतिशत प्रभावी परिणाम के साथ पूरा करने के लिए आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की मतदाता सूची के अनुसार बीएलओ दिनांक 20 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन अपनी सुविधा अनुसार अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच एवं संवाद स्थापित कर सकते हैं।
निर्देशों के तहत यदि वर्तमान मतदाता सूची में 38 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई मतदाता मतदान क्षेत्र में निवासरत है लेकिन उसकी मैपिंग नहीं हो सकी है, तो उससे वर्ष 2003 के निवास की जानकारी लेकर यह जांच की जाए कि वह उत्तराखंड के किसी विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत था या नहीं। ऐसी स्थिति में आयोग की वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उसका नाम खोजकर मैपिंग की जाए। यदि 2003 की सूची में मतदाता के माता-पिता या दादा-दादी का नाम उपलब्ध हो, तो बीएलओ एप के माध्यम से उसे सेल्फ एवं प्रोजेनी के रूप में मैप किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि

*यदि किसी मतदाता की मृत्यु हो चुकी है तो उसे डेड मार्क कर संबंधित प्रकरण में फॉर्म-7 भरकर प्राप्त किया जाए।

*यदि कोई मतदाता मतदान क्षेत्र से स्थानांतरित हो गया है तो उसे शिफ्टेड मार्क करते हुए स्थिति के अनुसार फॉर्म-8 अथवा फॉर्म-7 भरवाया जाए।

*यदि कोई मतदाता क्षेत्र में उपस्थित नहीं मिलता और उसके स्थानांतरण की पुष्टि नहीं होती, तो उसे अनुपस्थित के रूप में चिह्नित किया जाए।

*यदि कोई मतदाता वर्तमान में उत्तराखंड में निवासरत है, लेकिन उसका नाम 2002, 2003 या 2004 में किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है, तो आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in के माध्यम से संबंधित राज्य की पिछली एसआईआर मतदाता सूची से उसका अथवा उसके माता-पिता/दादा-दादी का नाम खोजकर विवरण नोट करते हुए बीएलओ एप से सीधे मैपिंग की जाए।

बैठक में नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी गोपाल सिंह चौहान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे सहित संबंधित बीएलओ उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *