हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कुमाऊं का लोकपर्व हरेला।

नैनीताल। कुमाऊं का लोकपर्व हरेला गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सावन मास के प्रथम दिन कर्क संक्रांति के अवसर पर लोगों ने 10-11 दिन पहले बोए गए हरेले को विधि-विधान से काटकर अपने कुलदेवता और इष्ट देवों को अर्पित किया। इसके बाद परिवार के सदस्यों और बड़ों ने एक-दूसरे को हरेला पूजकर सुख, समृद्धि और दीर्घायु का आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने पूजा-अर्चना कर अच्छी फसल, खुशहाली और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। परंपरा के अनुसार हरेला पूजते समय “जी रया, जागि रया, यो दिन मास भेटनै रया, धरती जतुक चौड़, अकाश जतुक ऊंच हैया” जैसे पारंपरिक आशीर्वचन भी दिए गए।
आचार्य पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि हरेला कुमाऊं की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख पर्व है। यह प्रकृति, कृषि और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ ही नई ऋतु के स्वागत का प्रतीक भी माना जाता है। बताया कि नैनीताल के समीप स्थित गेठिया गांव के भूमियाज्यू मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने कुल, इष्ट देव को हरेला अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *