नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में अधिवर्षता आयु पूरी करने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सम्मान में बुधवार को सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में कॉमर्स के डीन एवं विभागाध्यक्ष तथा शिक्षा शास्त्र के डीन प्रो. अतुल जोशी, राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मधुरेंद्र कुमार, हिंदी विभाग की डॉ. सुभा मटियानी और डीएसबी परिसर की देवकी देवी को सम्मानित किया गया।
इस दौरान उन्हें शॉल ओढ़ाकर, प्रतीक चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट किए गए। वक्ताओं ने उनके दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए विश्वविद्यालय में दी गई सेवाओं के लिए आभार जताया।
कुलसचिव डॉ. रितेश साह ने कहा कि नियम के अनुसार अधिवर्षता आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त होना पड़ता है, लेकिन इन सभी की सेवाओं और योगदान को विश्वविद्यालय हमेशा याद रखेगा। प्रो. संजय पंत ने कहा कि प्रो. अतुल जोशी ने उत्तराखंड आंदोलन से लेकर रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
संचालन करते हुए प्रो. ललित तिवारी ने प्रो. अतुल जोशी से जुड़े कई संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रो. अतुल जोशी की टीम को वर्ष 2013 में राष्ट्रीय सेवा योजना के इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें राजभाषा पुरस्कार भी मिल चुका है।
प्रो. अतुल जोशी ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय और समाज की सेवा करने का अवसर मिला, यह उनके लिए गौरव की बात है।
कार्यक्रम में डॉ. सुरेश डालाकोटी, डॉ. मोहित सनवाल, डॉ. सावित्री कैरा, डॉ. महेंद्र राणा, अभिराम पंत, डॉ. चारु तिवारी, डॉ. दीपक आर्य और डॉ. गगन होती समेत अन्य लोगों ने विचार रखे। इस अवसर पर वीरेंद्र जोशी, नीरज साह, डॉ. मोहित रौतेला, दीपक बिष्ट, जगदीश, रमेश जोशी, ओम प्रकाश और नंदा बल्लभ पालीवाल आदि मौजूद रहे।
सेवानिवृत्ति पर प्रो. अतुल जोशी समेत चार को सम्मान, सेवाओं को किया याद।