नैनीताल। न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा, पेंशन और नियमितीकरण समेत सात सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को तल्लीताल गांधी चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। यूनियन ने मुख्यमंत्री को डीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
यूनियन ने 2021 में 11,500 रुपये मासिक मानदेय देने के आश्वासन को लागू करने, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देने, एनएचएम का बजट बढ़ाने, आशाओं की छंटनी रोकने और सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद भरने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं होने पर यूनियन ने 24 अक्तूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और 22 नवंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच की चेतावनी दी है। इसके बाद भी मांगे नहीं मानी गई तो आशाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगी।
इस दौरान अध्यक्ष कमला कुंजवाल, नीलम बिष्ट, नीरू पुजारी, हेमा ठठोला, इंदु बाला, हेमा पाठक, सुनीता, हेमा, ममता, शांति, मनीषा, निर्मला, माधवी, रमा, दीपा, कुसुमलता, रश्मि राणा, गीता नैनवाल, देवकी, सुधा, हेमा, सरिता, राधा आदि मौजूद रहे।
आशा कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर गांधी चौक पर किया प्रदर्शन, 24 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों और 22 नवंबर को देहरादून कूच की चेतावनी।